अ कहीं हम दोनो मिलके, नई दुनिया बसा ले

अ कहीं हम दोनो मिलके, नई दुनिया बसा ले। देखा था जो सपना हमने, मिल के सज़ा दे। मेरे खंडों में बसी रहो, मेरी ऊमर भर, मैं आपने दिल से देखता रहूं मेरी ऊमर भर अ दिल हस्तर को मिला के हम सज़ ले देखा था जो सपना........ एक चाहत के इस सफ़र में, मिलें